डरावने सपने आने का रहस्यमई कारण।

डरावने सपने आने का रहस्यमई कारण।


सपने!! हम में से हर कोई सपने देखता है, कोई दिन के तो कोई रात में। सपने देखना अच्छी बात है लेकिन अगर वो सपने दुःस्वप्न हो तो हमारी नींद के ख़राब करने के साथ साथ हमारे मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ पर भी असर डाल सकते है। जब हम सोते हैं, तो हमारा शरीर आराम करता है और ताजा हो जाता है, अगले दिन खुद को फिर से जीवांत करता है। लेकिन यह हमारा दिमाग है कि कभी आराम नहीं करता और नींद में भी सक्रिय रहता है। रात में यह दिन भर की होने वाली गतिविधियों को समझने और उनके हल ढूंढ़ने में लगा रहता है। कभी कभी हमारी दैनिक बाते हमारे दिमाग में घर बना लेती है और हमे अलग अलग रूप में सताती रहती है- उसमे से एक है बुरे सपने। यदि आप उनमें से एक हैं जो अक्सर बुरे सपने का अनुभव करते हैं और परेशान हो जाते हैं, तो आप उन्हें रोकने के लिए क्या कर सकते हैं आइये जानते है कारण और निवारण के तरीके:

ऐसे कई कारण हो सकते हैं जिससे बुरे सपने आ सकते हैं जैसे की:
1. शरीर और दिमाग के कोई अंतर्निहित विकारों के कारण।
2. कुछ ऐसी दवाइयों के कारण जो मस्तिष्क में रसायनों पर काम करती हैं, जैसे कि एन्टीडिप्रसेन्ट।
3. कुछ गैर–मनोवैज्ञानिक दवाइयां जैसे कि रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) की दवाएं जो व्यस्क लेते है उसके कारण।
4. अतीत के दर्दनाक अनुभवों के कारण ।
5. तत्कालीन परिस्थिति के कारण उत्पन्न मानसिक चिंता के कारण।
6. मोबाइल, लैपटॉप और नीली रौशनी के गैजेट्स का ज्यादा उपयोग करने के कारण।
अब इन बुरे सपनो से बचा कैसे जाए ये भी सवाल दिल में घर करता है आइये इसे भी जानते और समझते है:
1. चिंता और टेंशन से छुटकारा:
रात में सोते वक़्त अच्छी बातो को याद रख कर सोये, कोई भी विचार जो आपकी दिलो दिमाग की शांति भंग करती है उसे ना सोचे। इसके लिए या तो भगवान का भजन सुने या फिर कोई संगीत सुन कर सोने की कोशिश करे। टेंशन से कल निपटने का मन बनाये साथ ही योग, ध्यान या उन गतिविधियों को दिनचर्या में अपनाये जो आपको शांत और आराम से रहने में मदद करें।
2. सोने का सही तरीका:
सोने का तरीका भी आपकी मनोदशा पर बहुत असर डालता है। जहाँ तक हो मद्धम रौशनी में सोये, बिस्तर साफ़ सुथरा, आरामदायक हो और सामान्य तापमान में ही सोये, न तो बहुत गर्म या ठन्डे में। इसका भी ध्यान रखे शरीर को जहाँ तक हो रिलैक्स करने की कोशिश करे ।
3. नीली रौशनी से दुरी बनाये:
अब आप सोच रहे होंगे की ये नीली रौशनी से क्या होगा? लेकिन अगर वैज्ञानिको की माने तो ये नीली रौशनी दिन में सकारात्मक ऊर्जा देती है लेकिन रात में इसका प्रभाव उल्टा होता है। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से निकलने वाली नीली रोशनी आपकी नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। ये नीली रौशनी हमारे मोबाइल लैपटॉप और बाकि गैजेट्स से निकलती है, जो हमारे दिमाग पर गहरा असर डालती है। हो सके तो सोने से १–२ घंटे पहले इनसे दुरी बना ले।
4. डॉक्टर से सही परामर्श ले और कारण जाने:
अगर बुरे सपने आपको हद से ज्यादा परेशान कर चुके है, तो डॉक्टर को जरूर दिखाए। डॉक्टर इसे जाचेंगे और अंतर्निहित समस्या का पता लगाएंगे। यदि आपके बुरे सपने स्लीप एपनिया, आरईएम विकार, चिंता या अवसाद का परिणाम है, तो अपने चिकित्सक से बात करें और उसका समय रहते इलाज कराये।
5. इमेजिनरी रिहर्सल उपचार:
यह एक प्रकार का संज्ञानात्मक उपचार है जो प्रभावी ढंग से बुरे सपने को कम कर सकता है। इस चिकित्सा में, आप कल्पना करते हैं कि आपके बुरे सपने का एक अच्छा अंत है। और इसलिए जब आप जागते हैं, तो आप अपने बुरे सपने की अच्छे अंत की कल्पना करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपको एक दुःस्वप्न आता है, जहां आप गिर रहे हैं, तो बस सोचें कि आपके पास एक पैराशूट है जो खुलेगा और आप बच जायेंगे।


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